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Posts under ‘Embroidery’

पग जमींतेज टकधा

सोख अचींधो उर्या

जींयण में त
सोख डोख अचॅं प्या
खिली ने हल
डोख थींये तीं पर्या
सोख अचींधो उर्या
*- वसंत मारू…चीआसर*

थीए मन राजी

थीए मन राजी

सूणी पिंढजा वखाण, थीए मन राजी
वांची पिंढजा लिखाण, थीए मन राजी

लिकधे डिठो एंकार, चितमें गूसयो चड़ीने
विठो विछाई विछाण,थीए मन राजी

कढणूं बोरो आकरो, निकरे नतो बारा
गरवजो रखे बंधाण, थीए मन राजी

डीं उगेने नित खपे, हले न जिरा वार
उठीने गिने पूछाण, थीए मन राजी

निसडो भनी फिरेतो,करे आतमजी हाण
कांत गिनणूं संधाण,थीए मन राजी

नये वरेजी वधायुं

सबंधेंजो सरनाभुं

*Kutch Yuvak Sangh*
presents
*Sabandhe jo Sarnaamo*

_Powered by :_
*SPM Group*

Our NEW Kutchi Drama
on the auspicious occasion of Kutchi New Year:
*Ashaadhi Beej , 2021*

*Director:* Vasant Maru
*Writer:* Pravin Solanki
*Translator:* Dr Vishan Nagda
*Assistant Director:* Kavan Savla

Premier Date :
*11 & 12th July 2021 Sunday and Monday*
*8.30pm*

*On Kutch Yuvak Sangh YouTube Channel:*
Link: *bit.ly/kysdrama2021*

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गामजो चॉरो : कंटोलेंजी खेती प्रस्तुती निलम कारिया

जिलेबी

आध्यात्मिक लाभ ज सर्वोपरी लाभ आय (कच्छी भाषा) ऋषि चिंतन जे सानिध्य में

चिंधीने छडीजा तीर

सच्ची जीत

Kachchhi quotes

पांजो वतन

समोजी गाल

फिरी जनम गिनजा

कवि तेज कवितायें द्वारा स्वार्थ अने परमार्थज्युं
गालियुं क्यां अयां. कितक माडूजी छांभ पण कढ्यां
अया. पण अज तां ईनीजो
आत्मा स्वर्गमें विठो विठो गज गज पोरसांईंधो हूंधो
एडी श्रध्धांजलि डींधे पां
पांजे हिंयेमें सडाकाळ स्थापित क्या अईं. “कविवर
कोय कच्छजो बचो जण
आंके भूली सगे ईन गालमें
माल नाय. प अञा आंजी जरूरत अय. फिरी जनम
गिनजा. एडी अरधांस.
भानुबेन.🙏🙏🙏

भेगा रॉजा

डेतर

*डेतर*
********
धूसको डने,डग
छाय जो छमकार,
सूंयो कनते,
तासरी खणी करी,
चे मावडी मखण,
*डॅ*
**************
*तान्का*
मखण मानी,
छबल भरे गिन,
लोंधा भरेने.
लगाय मखण के,
ध्रो सठ खाय गिन.
**************
*हाईकु*
मखण खाधों,
मानी ते लगायने.
मजा आवई.
************
*साईजीकी*
मजा त अचेन,
घरजो वे,
दूध.
गोंयु मैयुं पिंढ़जीयुं.

*ज्यंती छेडा पुनडीवारा*

अलग कच्छ राज्य : कीर्तिभाई खत्री साथे हकडी मुलाकात

कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान

कच्छ मे वधारेमे वधारेमे रोजगारजी तकुं ओभी करेला मिणीं कच्छीयें के अरज आय.
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !

KachchhSeperateState_1611

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पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला

पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.

१. चोवी कलाक जो कच्छी टी.वी.चेनल
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
कच्छी टी.वी.चेनल ते चॉवी कलाक कच्छी भासा में अलग अलग जात जा प्रोग्राम जॅडीते न्यूज, सीरीयल, हास्य कलाकार, खेतीवाडी जा सवाल जवाब, भजन, योगा,….नॅरेला मलें त कच्छी माडु धोनिया में केडा प हुअें कच्छ हनींजे धिल जे नजीक रॅ ने कच्छ प्रत्ये ने कच्छी भासा प्रत्ये गर्व वधॅ. भेगो भेगो पिंढजी ऑडखाण मजबुत थियॅ. ही कार्य मिणींया महत्वजो आय.
२. स्कूल में १ थी १० सुधी कच्छी भासा जो अभ्यास
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.

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Kachchh Rann Utsav : Kachchh nahi dekha to kuch nahi dekha

कच्छी फॅसन सो : भोज

कला रक्षा विद्यालय द्वारा भोज मे कच्छी परंपरागत कला अने पॅरवेस जो फॅसन सो आयोजीत के मे आयो अंजो वीडियो .

www.kala-raksha.org

Kutch Info

Kutch Geography
map

Kutch (also referred to as Kachchh) is a mystery land, not easy to comprehend. Kachchh is a sanskrit word meaning (land) which gets intermittenly wet and dry. Its vast length and breadth cannot easily be covered, and it is greater in area than some states of India. It’s the second largest district of the country (next only to Ladakh) located on the north-west frontiers of India.

Spread over an area of 45,652 sq. km., Kutch occupies almost one-fourth (24%) of the geographical area of Gujarat State. Besides, it accounts for nearly 60 percent of the drought-prone area of the State. More than half (i.e. 23,310 sq. km. or 51%) of its area consists of saline marsh of the Great and Little Ranns of Kutch which bound the district on the north and east.

It has a vast coastline of 352 kilometers with Arabian Sea that binds the district on the south-west.

It receives a low average annual rainfall of 380 mm during the south-west monsoon with an average of 15 rainy days in a year. Sometimes it gets intense rainfall within 24 hours which is more than the annual average.

Droughts are frequent – almost 6 in a cycle of 10 years. The temperature reaches up to 40 and often touch 50 degrees Celsius during the summer (April-June), while dropping to as low as below 1 degree during winter (January) in the interior parts of the district.

it is also strategically important from defense and security point of view.

The Land

Kutch lies rather isolated from the rest of Gujarat and is divided into three main parts, the central main habitable land, Little Rann and Big Rann. The two names(rann) are derived from the river Rann that floods large parts of the area during the monsoon.


landimage

The good thing about this is that it attracts a lot of special waterbirds. The great and Little Rann of Kutch are the breeding ground of Flamingo, Pelican & Avocet and the home of the rare Indian wild Ass which is now a protected species.

Important Cities and Locations:

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Welcome !

Kein Aayo !  Welcome all Kutchis (Kachchhis, Kachhis) to Kutchi Maadu , where you are free to discuss, Blog your thoughts and share information on any topic you choose.

Jai Kachchh !
Jai Ashapura Mataji !

Jay
KutchiMaadu Team