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Posts under ‘General’

कच्छडो

कच्छडो
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डेहमें तूं अइंयॅं विठो
डेवॅके मूं तॉमें डिठो
कच्छडा वला तूं मूंके
मा जितरोज अइंयॅं मिठो
डेहमें तूं….
धरीया भेरो धॉडे कच्छडो
रिणमें प रमेतो कच्छडो
खेतरेंजे खॉरेमें करेतो
खिल खिल मिठो कच्छडो
डेहमें तूं….
कुल मूंजो कच्छडो आय
जात मूंजी कच्छीज आय
कच्छी थिइने जनमां कायम
अरधास मूंजे मनजी आय
डेहमें तूं….
कच्छीमेंज कुछणूं आय
कच्छीमेंज लिखणूं आय
वखांण तॉजे नांजो कच्छडा
कच्छीमेंज वांचणूं आय
डेहमें तूं….
जगके कच्छडेसें मिलायूं
परडेसेंमें कच्छी गालायूं
मिठडी पांजी बूली कच्छी
हलॉ सजे जगके सुणाइयूं
डेहमें तूं….
धींगो धिलावर तॉजो धिल
केसरीया कच्छडा कसूंभल
कच्छडा तूं तां बारइमास
“अमृत”किंता अइंयें अमीयल
डेहमें तूं…..
अमृताबा डी.जाडेजा-तुंबडी.

मिणींके हॅप्पी हॉरी

करोनाथी भचेला ने प्रतिकार शक्ती वधारेलाकरे

‘कोरोना’ जेडी बीमारी भजाईजा

साधु संतो सचो चई वया,
पेरो जो वहेलां जागजा.
दनण करजा देशी बावरजो,
भेगी जेभी करीजा.
खेतर जेतरो पंध करे,
पोय जंगलमे लोटे वेनजा.
नाई धोई सवारमे वेला,
घरमे पूजा पाठ केजा.
घी गूगरजी धुप बती खणजा,
भेरी घंटडी वजाईजा.
वेनी देव मेधंर ते, घंट जालरने
संख नोबत वजाईजा.
सवार जे शिराण में,
धी गोळ ने छाय दुध खेजा.
मेमाण जे अचे त, उंभरे
अचे तेके आवकार डीजा.
टेमटक ते कम करीजा,
भर बोपरे भेरीने भतार खेजा.
साजी सेज उले एन पहेला,
सात्विक वीयारु करजा.‌
वहेला सुमजा वहेला जागजा,
नित्य नियम न भुलजा.
देव देवी जा जाप करजा,
हर तेवार में हवन होम करजा.
धर्म कर्म भेगा हलजा,
सचे ऋषि मुनि गाल हमेश मनजा.
नर चे वेद उपनिषद में,
भर्या भंडार विज्ञान ई न भुलजा.
हेन युग में पाछा वरजा ,
ने ‘कोरोना’ जेडी बीमारी भजाईजा.

वावाझोडो

वरी वेन हेता तुं वावाझोडा कच्छ ते करीज म तुं कॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! हल्यो अचें तुं हणमार करीन्धो भेगी गजण पॅयो गजाईयें, मद्द थेया अइयुं असीं मानी भेगा, तुं लूगडा कॉल्ला तो लाइयें , पाछो वरी वॅन्न तुं प्रेम सें , केंजो जीवन म करीज झॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! असीं जीयोंता ,असांजी मोज में तुं असांके दशी नतो सगॅं, धुनिया आखी छड्डे नें तुं, असां पाछड कૉल्ला तुं लग्गॅं ? खोटे फांके मे तु फाट्यो अंइयें , पोय पोच्छा करींधो केर ? कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! हेकड़ो, दिं देन्ने हेंन बरो डेन्ग्यु बेय्या लंभोटा नें खॅर, ओच्छ होई बई तोजी, से हाणे तुं पण करीने मॅर , ‘महाराज’ समरथ साहेब असांजो असांके रखधां सलामत खॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! ———— रचना ✍—————— हरेश.सी.जोशी ‘महाराज’ भवानीपर.

कच्छी रास

अलग कच्छ राज्य : कीर्तिभाई खत्री साथे हकडी मुलाकात

कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान

कच्छ मे वधारेमे वधारेमे रोजगारजी तकुं ओभी करेला मिणीं कच्छीयें के अरज आय.
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !

KachchhSeperateState_1611

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पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला

पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.

१. चोवी कलाक जो कच्छी टी.वी.चेनल
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
कच्छी टी.वी.चेनल ते चॉवी कलाक कच्छी भासा में अलग अलग जात जा प्रोग्राम जॅडीते न्यूज, सीरीयल, हास्य कलाकार, खेतीवाडी जा सवाल जवाब, भजन, योगा,….नॅरेला मलें त कच्छी माडु धोनिया में केडा प हुअें कच्छ हनींजे धिल जे नजीक रॅ ने कच्छ प्रत्ये ने कच्छी भासा प्रत्ये गर्व वधॅ. भेगो भेगो पिंढजी ऑडखाण मजबुत थियॅ. ही कार्य मिणींया महत्वजो आय.
२. स्कूल में १ थी १० सुधी कच्छी भासा जो अभ्यास
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.

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Serene Sunsets -Kutch Bhuj 2020

सोख डोख

सोख डोख

सोखने डोख बोंय
अइ धोस्तार,
माडुयेंजे जीयणजा
इ अंइ आधार

हिकड़ो विञे सडा
ब्यो हाजर वे,
एडो प इनीमें
थ्यो आय करार

हीं नेर्यो त बींजा
भाग प सरखा,
इनीमें भागजी कींं
प नाय तकरार

सियारे सिज सोख
संउ टूंको प्यो लगे,
डोख लगे कर खणी
उभो वे वणजार

माडुयेंजो जीयण त
इंज हलधो हलेतो,
कडेंक इ घरमें वे
कडेंक इ घरनुं बार

सुख सिपरी संउ
इ मिठो लगे प्यो
डुख कुंभारजाजो डेप्यो
कीं अणसार

फुलते मांक विठीवे
एडा थइने रोजा
‘धुफारी’चे आंजो
धन थींधो अवतार.

सुभ दियारी ! साल मुबारक ! Happy New Year !

सुभ नवरात्री २०१९ ! Shubh Navratri 2019

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2019 (www.matanamadh.org)
https://youtu.be/I-lerKHDduE

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

कच्छी भेल કચ્છી ભેળ Kachchhi Bhel

साल मुबारक ! मिणीं कच्छी माडुयें के शुभ असाढी बीज !

पगपाणा अचेंता अपार

फुदडी मासी के बोन्वीटा पिरायो