Posts under ‘Kutchi Lokgeet’
कच्छी डायरो
जरूर नॅरीजा
कच्छी धुन Kutchi Dhun : कच्छी रेडियो चोवी कलाक !
पांजे कच्छी रेडियो “कच्छी धुन” ते छॅल्ले हकडे वरेथी पां कच्छी गीत, कच्छी लोक गीत , भजन ने बाल गीत जो आनंद मांणे र्या अयूं . आंके नवा ने जोना कच्छी गीत सॉणेला मलें एनलाकरे असांजा प्रयत्न रेंता. आंजो सिलॅकशन सोंणेला कॉमेंट ने फीडबॅक हन पोस्टमे लखजा.
भजन : माडुडा लगेंता मिठा
भजन : माडुडा लगेंता मिठा
*****************
*****************
माडुडा लगेंता मिठा, कच्छडे जां मुंके
माडुडा लगेंता मिठा……टेक
माडुडा लगेंता मिठा……टेक
रात ने डीं जित , रेयाणु अंतरज्युं , अधा
छेडला नेहजा छुटा…… कच्छडे…..
छेडला नेहजा छुटा…… कच्छडे…..
अखियें में जें जे अमरत वरसे , अधा
दरशन सुखणां डिठा… कच्छडे…..
दरशन सुखणां डिठा… कच्छडे…..
हरपल जेंजा हेतज संभरें , अधा
सोणला सुते अैं सुठा ….. कच्छडे…..
सोणला सुते अैं सुठा ….. कच्छडे…..
‘मावो‘ चेय मुंके मारे विछोडो , अधा
वलप जे हंध विठा….. कच्छडे…..
वलप जे हंध विठा….. कच्छडे…..
: मावजी जेराम भानुसाली (मास्तरजी)

