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कच्छी भेल કચ્છી ભેળ Kachchhi Bhel

कच्छी समोसेजी रेसिपी

सुभ नवरात्री २०१६ ! Shubh Navratri 2016

navratri2016a
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2016 (www.matanamadh.org)

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

कच्छी रेसीपी : कच्छी समोसा

कच्छी समोसा
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स्टफींग भनायला करे सामानः
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तेल  ३ टे. स्पून
हींग  १  टे. स्पून
कांदो(डुंगरी)  ३ नंग मीडीयम सोधारेली
मिक्सर में पीसेला चणेजे अटेजा भजीया १ कप
मीठो स्वाद अनुसार
गरम मसालो २ टी.स्पून
लाल मरचो पावडर २ टे. स्पून
सक्कर १ टी.स्पून
लींबुजा फूल चपटी
पाणी ३ टे. स्पून

समोसेजो अटो बधेला करे सामानः
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मेंदेजो अटो २ कप
सोजी २ टे. स्पून
मोण जरूर मुजब
मीठो स्वाद अनुसार
लींबुजो रस १ टी.स्पून
तेल तरेला करे

पेरसेला करे सामानः
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गोळ आमली जी चटणी
टोमेटो केचअप
लीली चटणी

 कच्छी समोसा भनायजी रीत
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समोसे जो पड भनायजी रीत :

 मेंदो, मीठो, सोजी, मोण मिक्स करे लींबुजो रस वजी,थोडो पाणी वजी  मानी जेडो अटो बधेजो.अडधो थी १ कलाक अटे के आराम डनेजो.

समोसे जो स्टफींग भनायजी रीत :

हेकडे  जाडे वासण में ३ टे. स्पून तेल वजी मीडीयम गेस ते  तेल गरम थीये त हींग वजेजी.हाणे कांदा वजी चपटी ,मीठो वजी गोल्डन थीये तें सुधी सेकेजा. मिक्सर में पीसेला चणेजे अटेजा भजीया १ कप वजी हलायजो.मीठो ने गरम मसालो वजेजो.हाणे लाल मरचो,सक्कर, लींबुजा फूल वजी २-३ टे. स्पून पाणी वजी मिक्स करेजो.हाणे हेकडे थारी में ठारेला रखेजो.

समोसे ला करे पूणी भनाय सेंटरथी छेडे सुधी हेकडो कापो  करे कॅोन आकार डइ भरोभर स्टफींग भरेजो ने छेडो भंध करेजो. छेडो भंध करेला पाणीवारी आंगरी वापरे सको.हाणे हेकडे ऊंडे वासणमें तरेला तेल खणी धीमे तापे तरेजा.

गरम गरम कच्छी समोसा खाईंधे खाईंधे कच्छ के जाध करीजा.

*कच्छी समोसा कोयपण चटणी भेगो खाई सगोता.

Video Reference:

कच्छी चोवक : संप तित सणियात

जित संप आय तित सणियात आय ईन चोवकजी वारता न्यारीयुं. हिकडे़ पे जा चार पुतर हुवा .
कडेंक संपसे रोंधा हुवा त कडेंक , कारीयारो करींधा हुवा ईनीजें पे के ही खबर हुई ईतरे ईनींके हिन गालजी चिंधा थींधी हुई. पे जी छेल्ली मांधाई हुई तडें ईनींके हाणे लगोज मुंके हिकड़ी गाल छोकरें के समजाई डिणीं खपे. ईनीं चारोंय छोकरें के बोलायों ने च्यों हिकड़ी सनी लठ्ठ खणी अचो.
  छोकरा तेरंई हिकड़ी सनी लठ्ठ खणी आया.अधा च्यों ईनके तोडे़ विजो छोकरा तेरंई लठ्ठ के तोडे़ विधों.पोय अधा च्यों हाणे डॉ लठ्ठीयुं खणी अचो ने भेरीयुं करे ने बध्यो. छोकरा डॉ लठ्ठीयुं खणी आयाने  बध्यों. पोय अधा ईंनींके च्यों हाणे हिन के तोड़यो. छोकरा हिकडे़ बी सामुं न्यारण लगा.हिकडो़ छोकरो पे के चें अधा ही तां भेरीयुं अंई ईतरे न टुटें.
  हाणे अधा च्यों हिकड़ी सनी लठ्ठ तां अंई तेरंई तोडे़ सग्या पण ही मिडे़ भेरी लठ्ठीयुं टूटी सगें ईं नईं. ईन रीतें ज आंई चारोय भा संप सला सें रोंधा त आंई सुखसें रई सगधां कोय आंजो वार पण विंगो नई करे सगे पण ज छूटा थ्या ने आं विच्च कुसंप थ्यो त आंई मिडे़ विखो विखोथी वेंधा मुंजी गाल समज्या ? छोकरा ही गाल समज्या ने पिंढजे अधा के वचन डिनों ने च्यों असीं संपसें रोंधासीं आंके चिंधा करेजी जरुर नांय.
  छोकरेंजी गाल सुणी ईनींजे अधाजे आतमा के शांति थई.
कच्छी में चोवक जो अर्थ: लेखक अरविंद डी.राजगोर

कच्छी दीवाली रेसिपी : फीणीया लड्डु

फीणीया लड्डु
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१ किलो घेवें जो अट्टो

१ /२  किलो पीसेली सककर

३/४  किलो घी

२-३ चमचा घी धाबो डनेला

१ या १ /२  कप गरम पाणी /  दूध

ऐलची पावडर, जांयफर

हेकडी वडी थारी में घेवें जो अट्टो, घी , गरम पाणी /  दूध वजी मिक्स करे ५ -६ कलाक रखेजो. अट्टे के हलके हथ सें छाणेजो.हेकडे जाडे वासण में धीमें तापें सेकेजो.गुलाबी तीये तेर ओतारे बाजुमें रखेजो.

हेकडी वडी थारी में ३/४  किलो घी खणी हथाळी सें १ /२  कलाक हेकडी दीशा में फीण्यो.हाणे पीसेली सककर वजी १५ -२० मिनिट दीशा में फीण्यो. हाणे सेकेलो अट्टो , ऐलची पावडर, जांयफर मिक्स करेजो. लड्डु  भनायजा.

जो अट्टो सोको लगे त थोडो घी वजी लड्डु भनायजा.

कच्छी रेसीपी : मेठी मानी

मेठी मानी

मेठी मानी नालो सोणी मोंमे पाणी ने मेठास अची वेने.पाँ कच्छी माडु ‘थधो’, ‘शीतला सातम ‘जे डीं भनाईयुं.. (अगले डीं)  छठ जे डीं भनायली मेठी मानी ने बई चीजुं  सातम जे डीं खावाजें. सातम जे डीं पूजापाठ करे ने गेस/स्टव के आराम डेवाजे.

मेठी मानी भनायजी चीजूँ :
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(more…)

कच्छी रेसिपी: साटा

कच्छी बोली

(निसाड़में क बार सॅरी –चॉक में निन्ढें सरतीयें ज्यूं ब टोलियूं थीअें नें जोम जुस नें भावसें साम सामा पड़कारा थीअें…छोकरेंके रांध-रांधमें सिखेजो मिले नें जाध प रै विञे अेडी़ ही रांध नारायण जोशी ‘कारायल ‘ जे ईंधल प्रकाशन म्यां आए).
                          जोड़कणां
    

  टोली- १
टोली- २
असीं सिखोंता   …………………………. कच्छी  बोली.
असीं  लिखोंता  …………………………. कच्छी  बोली.
असीं  बुजोंता  ………………………….. कच्छी  बोली.
मूंजी  बोली   …… ……………………. कच्छी  बोली.
असांजी बोली   …………………………. कच्छी  बोली.
पांजी  बोली    …………………………. कच्छी  बोली.
मिणींजी बोली  ………………………….. कच्छी  बोली.
जभर बरूकी   …………………………… कच्छी  बोली.
सूरातन डे     …………………………… कच्छी  बोली.
भक्तिरसजी    ……………………………. कच्छी  बोली.
टूंकी नें टच   ……………………………. कच्छी  बोली.
नोंय रसेंजी   …………………………….. कच्छी  बोली.
हिकडाई डेती  …………………………….. कच्छी  बोली.
कच्छजी मूडी ……………………………….कच्छी  बोली.
डेसजी संपत  …………………………….. कच्छी  बोली.
डेस –विडेसे   …………………………….. कच्छी  बोली.
मिठी लगे़ती  ……………………………… कच्छी  बोली.
असीं कुछोंता  …………………………….. कच्छी  बोली. 
              : नारायण जोसी “कारायल”

भजन : माडुडा लगेंता मिठा

भजन : माडुडा लगेंता मिठा
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माडुडा लगेंता मिठा, कच्छडे जां मुंके
माडुडा लगेंता मिठा……टेक
रात ने डीं जित , रेयाणु अंतरज्युं , अधा
छेडला नेहजा छुटा…… कच्छडे…..
अखियें में जें जे अमरत वरसे , अधा
दरशन सुखणां डिठा… कच्छडे…..
हरपल जेंजा हेतज संभरें , अधा
सोणला सुते अैं सुठा ….. कच्छडे…..
‘मावो‘ चेय मुंके मारे विछोडो , अधा
वलप जे हंध विठा….. कच्छडे…..
: मावजी जेराम भानुसाली (मास्तरजी)