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Posts under ‘Kutchi Kavita,Chovak,Sahitya (Poetry, Quotes, Literature)’

वनायों

रीसु रंगुं करे ने हक वनायों
वख वेर करे ने मोभो वनायों
वखीले जो साॅणी ने घर वनायों
अकल वगर जेजी सलाह मनी ने मगज वनायों
नोरेसे सबंध फटाये ने आराम वनायों
नीती खटल करे ने पैसो वनायों
कुटुंब से झगडा करे ने भाव वनायों
देश से गधारी करे नै झमीर वनायों
पोय करीबो करे ने टाइम वनायों
टाइम कढाणु त टगुं वनायों
हाणे वनेता सत्संग साॅणेंला त कन वनायों.
:कवि हरेश नेंणशी भद्रा

लिखेल डिस

मालकजा तुं ही खेल डिस
कित भुंगा कित मेल डिस
पंज माड़जी अंइ मेणियुं
कितक घर नं प जेल डिस
कित मिट्टीजा माटी माटला
कितक त्रांमेजी हेल डिस
केंजा अगड़ी वारा लुगड़ा
केंजा त भरत भरेल डिस
केंजी लुडेती फांध अगिया
केंजीक सटुकड़ी चेल डिस
कोक हलेता पगे उघाडा
केंजीक माफारी वेल डिस
कोक डिसजे सुजाग बोरा
कोक गाभा कां गाफेल डिस
किते कागडेजो किकराट वे
कितक मोर भेरी ढेल डिस
कितक खावजे घे से केला
कोक सिकें टीपो तेल डिस
लिखधा रो त घणे लखाजे
‘धुफारी’जी ही लिखेल डिस
Reference: Kachchhi.wordpress.com

कच्छी भासा अतरे

कच्छी भासा अतरे……?
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ऋक्क जेड़ी नक्कर सक्कर जेड़ी सीरीवारी,
अक्कड़ अनोखी अति गति रामबाणजी,
कुछेमें कड़क कच्छी पाणीजे कड़ाके वारी,
विजजे वराके जेड़ी जोत जिंधजानजी,
ताजी घोड़ो छुटे तुटे तोपजो गलोलो तेड़ी,
“काराणी” चे चोट कच्छी वाणीजी कमानजी

:कवि काराणी

अधा जो आशरो

*हो अधा जो आशरो*
*ने छांइ बाइ जे छाल जी..*
*हो जानी जींयण ऊ सचो*
*चिंधा न हुइ काल जी..*

सवार ओगइ सारी… :)

ढगा जोपाया सीम ला,
मथे वधा भतार भारी…

सीम न लजे मुके,
हाणे थइ मोसीबत  भारी..

फोन करे पोछयो अधा के,
अधा सीम कदा आय पांजी..

अधा वठोओ ओटे गामजे,
नोटरम जमइ होइ बोरी..

फोन सोणी अधा ओपळ्यो,
लख लख जीयु दने चार गारीयुं..

ओठ जेदो थे तोय सीम
न लधे पांजी..?

थकी हारी आयो आउ पाछो,
खेळ वगरजी सीम रइ सारी..

अधा अचींधो अदो कढधो,
करींधो मगज मारी बोरी…

ब माडुंएजो भतार खाइ,
नंधरुं कयुं आउ भारी…

केजी सीम केडा ढगा केजो अधा,
रात वइ सवार ओगइ सारी..!!

Reference : Whatsapp

कच्छजी करीयां गाल

!! कच्छजी करीयां गाल !!

कच्छजी करीयां गाल यार (२)
कच्छडो आय कमाल मुंजे
कच्छजी करीयां गाल…..(२)

आइ आशापुरा जो आय मीठडो रे मढ गाम.
कोटेश्वर जी छांइ में आय नारायण जो धाम…..कच्छजी करीयां गाल

वसे रावर पीर जत्ते वजे मठा वाज..
जीगरी हाजीपीर जुको रणमें करे राज…..कच्छजी करीयां गाल

वागड देश वल्लो माता रवेचीजो ठाम.
सुरें जो सरताज उभो आय अभडो जाम…..कच्छजी करीयां गाल

धीणोधर तां डुंगर एडो कच्छडे जो गीरनार….
भुजीयें डुंगर जेडो कत्ते झोटो नांय यार…..कच्छजी करीयां गाल

मेकणजी समाधी जत्ते मोंगा मले मान..
जाडेजा जेसल के गाराय तोरल रुडा गान…..कच्छजी करीयां गाल

कामणगारें कच्छडे जा तां सागर जेडा संत..
लोहाणे में थई व्या वलुभगत जेळा संत जे रोटलो ने ओटलो बोय दनो अन्नपूर्णा स्वऋप देवी ऋक्षमणि संग….
देव ता बरें डसी एडा पांजां संप…..
कच्छजी करीयां गाल

केडी करीयां गाल अंइ अच्चो हकडी वार…
लखे के लगेतो कच्छ अवध जो अवतार….कच्छजी करीयां गाल
!! जय कच्छ !!

कच्छी शायरी जी जलक

सरम वगर जी बायुं नकांमी
ने व्यसन वारा भा नकांमां,

प्राण वगर जी काया नकांमी,
ने मर्ये पोय ही मळे माया नकांमी

लागणीं वगर जा माडु नकांमां
ने नीती वगर जा नाणां नकांमां

मकान वगर जी बारी नकांमी,
ने अाखो डीं वोट्सअेप मे चोटी हुए
हेडी बायडी नकामी

विनय वगर जो ऋप नकांमु,
अने पां वगर ही ग्रुप नकांमु …

Reference : WhatsApp

कच्छ जो प्रवास

KachchhJoPravas1

Kachchh Jo Pravas 2

आगम वाणी

कच्छमे लगभग चॉदोसो वरें पॅला श्री मामैयदेव थईं व्या.
श्री मामैयदेवजी भविष्यवाणी सची पई रई आय हॅडो लगेतो :

[१]कुंवर विकनींडा काठीयुं,
रा विकनींडा घाह,
‘मामैयो मातंग, चे,
नाणे विकंधा न्याह.

[२] खचरडा खीर खायेंदा,
तगडा थींदा ताजी,
वडा माडु वेही रोंधा,
पूंछा ईंधा पाजी.

[३]सनेजीवेजी शरम न रोंधी,
न रोंधी मनमें मेर,
धन खर्चे धर्मी चवांधा,
कंधा वडे से वेर.

[४]मेडीयुं पाडे ने मारग थिन्दा,
कबरमें थीन्दा घर,
अस्त्री वेंधी तखत पे,
जाळी लोदिन्डे नर.

[५]शाह छडिन्धा शाहपणुं,
सच्च छडिन्धा शेठ,
भामण भणन छडिन्धा,
जाडेजा कंधा वेठ.

[६]भुख माडु ते भड ध्रिजंदा,
शियाळे ध्रिजंदा सीं,
पे ध्रिजंदा पुतरते,
हेडा अच्चेंन्धा डी.

ध्यान थी वाचिजा भला

*शब्द कच्छी में अईं।*
*ध्यान थी वांचिजा भला*

*वॅर*
*वैभव*
*व्यसन*
*अने व्याज*

*व्हाला थई ने*
*करिंधा ताराज*

*हिनिंके वधारिंधा त*
*वनाइंधा लाज*

*अने घटाडिंधा त*
*करिंधा राज*