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Posts under ‘Kutchi Kavita,Chovak,Sahitya (Poetry, Quotes, Literature)’

कच्छ मोलक

डान,धरम नॅ डयाजी
डॉलत सें भर्यो ही
कच्छ मोलक पांजो कॉडीलो
मान पान ने मोडसाई
मॉभत भर्यो आय
हिक हिकडो कच्छी मॉजीलो

अमृताबा

मोभाइल जे ऑटे ते

वीयारुं करीने अचो,मोभाईल जे ऑटे ते
निरांत भरीने अचॉ, मोभाइल जे ऑटे ते

डोसा डोसी पांजा सजी जमार विठा
उ जाध करीने अचो,मोभाइल जे ऑटे ते

सीम सेड़े जा कम, थकया पकया वे भारी
विगर थकीने अचो,मोभाइल जे ऑटे ते

घरमें जेणा जितरा मोभाइल हले ईतरा
फेसबुक छडीने अचो,मोभाइल जे ऑटे ते

कांत नाय गाडी घोड़े जिलेजी चिंधा
घर खणीने अचो,मोभाइल जे ऑटे ते

:कांत

बोजांतो

बोजांतो
——–‐—–

संत निइया त कोर थओ
धरम करम जा पंध बोजांतो
अखींएं जे आरीसे केतरा
लज़ सरम जा बंध बोजांतो
साधु थे पोय साध भने सें
जींयण जंग भनी पॅ जानी
डुखड़ा सिइने जग़ में रिइने
कीं ग़नणू आनंध बोजांतो

🙏🏻✍✍✍🙏🏻
नेणशीं भानुशाली जानी

इगीया थी तूं

इगीया वधेला संघर थी तूं!
वाट भधली सधर थी तूं!
सुकल भोमकाके भिजायला,
मिठे नीरजो वडर थी तूं!
कामण कजरारी अखीयें जो,
आंञण अखजो सखर थी तूं!
थधी थधी थधकार डिईने,
फुल मथे विलजो अतर थी तूं!
भाग(निसीभ) तॉजो लिखेला करी
कोरे कागर ते लिखांधल अखर थी तूं!
कवयित्री : भारती गडा

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मिणींके शुभ नवरात्री

Matajo madh Live
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जय माताजी !

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

Navratri Vrat Recipes —————————-

http://idiva.com/photogallery-ifood/12-vrat-special-recipes-to-prep-for-navratri/32381

अलग कच्छ राज्य : कीर्तिभाई खत्री साथे हकडी मुलाकात

कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान

कच्छ मे वधारेमे वधारेमे रोजगारजी तकुं ओभी करेला मिणीं कच्छीयें के अरज आय.
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !

KachchhSeperateState_1611

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पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला

पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.

१. चोवी कलाक जो कच्छी टी.वी.चेनल
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
कच्छी टी.वी.चेनल ते चॉवी कलाक कच्छी भासा में अलग अलग जात जा प्रोग्राम जॅडीते न्यूज, सीरीयल, हास्य कलाकार, खेतीवाडी जा सवाल जवाब, भजन, योगा,….नॅरेला मलें त कच्छी माडु धोनिया में केडा प हुअें कच्छ हनींजे धिल जे नजीक रॅ ने कच्छ प्रत्ये ने कच्छी भासा प्रत्ये गर्व वधॅ. भेगो भेगो पिंढजी ऑडखाण मजबुत थियॅ. ही कार्य मिणींया महत्वजो आय.
२. स्कूल में १ थी १० सुधी कच्छी भासा जो अभ्यास
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.

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पोछा करीजा

🙏🏻पोछा करीजा🙏🏻

केर थकी प्यो केर मतो? पुछा करीजा
कोय भुख्यो रे त नतो? पुछा करीजा

कम जेंजा भंध अइं ऊ कीं करींता?
घर में आय अटोभतो? पोछा करीजा

सरम सेड઼े रखी पेट भरे जा डीं आया
सरम जे गारे केर गतो? पोछा करीजा

हथ लमूं न केंओ जिनी जिंधगी में
ऊ कीं रखेंता मों रतो? पोछा करीजा

धवा करींधल खुध धरधी थिइ प्या
कढण उनीजो अतोपतो पोछा करीजा

✍✍✍✍✍
नेणशीं भानुशाली जानी

ATM

तान्का

मा ने पे पाला
A.T.M. भनॅता त
मायतरे ला
पा आधार कारड
न भने सगु कुरो

~ हिना भेदा
तान्का(Tanka) अने हाईकु मूर जापान जा काव्य प्रकार अंइ जोको अज विश्व जी मिणी सम्रुद्व भासाओ में प्रचलित अंइ . तान्का ५-७-५-७-७ श्रुति में पंज पंक्ति जो काव्य आय *.मेटसुओ बाशउ (१६४४-१६९४) तान्का जी पॅली त्रे लाइन *५-७-५ गिनी होककुं नां डई रजु कें जेंजो अरथ थीये तो प्रारंभिक कडी जेंके १९ मी सदी जे उतरार्ध में माशाओका शिकि हाईकु (Haiku) नां डई प्रचलित कें. √b संकलन : CA विज्ञेश भेदा

मजां अचॅ नती

मजां अचॅ नती

थोड़ो थोड़ो वसे मीं , मजां अचॅ नती
श्राण हल्यो विनधों ईं, मजां अचॅ नती

हिकड़ो कोरोना जो ध्रा,ने सिरकारी आधेस
त्रे गजे रमाजे कीं, मजां अचॅ नती

टवेन्टी टवेन्टी किना वधे,त्रे पने जी रांध
पोड वडो भराजे जीं, मजां अचॅ नती

वीरपसली विई ,अचॅती सातम आठम
भांढरुं विठा भनी सीं, मजां अचॅ नती

हकलू हलाई थको,तॉय कॉय अचॅ नतो
कांत मड मड कढे डीं, मजां अचें नती

:कांत

‘कोरोना’ जेडी बीमारी भजाईजा

साधु संतो सचो चई वया,
पेरो जो वहेलां जागजा.
दनण करजा देशी बावरजो,
भेगी जेभी करीजा.
खेतर जेतरो पंध करे,
पोय जंगलमे लोटे वेनजा.
नाई धोई सवारमे वेला,
घरमे पूजा पाठ केजा.
घी गूगरजी धुप बती खणजा,
भेरी घंटडी वजाईजा.
वेनी देव मेधंर ते, घंट जालरने
संख नोबत वजाईजा.
सवार जे शिराण में,
धी गोळ ने छाय दुध खेजा.
मेमाण जे अचे त, उंभरे
अचे तेके आवकार डीजा.
टेमटक ते कम करीजा,
भर बोपरे भेरीने भतार खेजा.
साजी सेज उले एन पहेला,
सात्विक वीयारु करजा.‌
वहेला सुमजा वहेला जागजा,
नित्य नियम न भुलजा.
देव देवी जा जाप करजा,
हर तेवार में हवन होम करजा.
धर्म कर्म भेगा हलजा,
सचे ऋषि मुनि गाल हमेश मनजा.
नर चे वेद उपनिषद में,
भर्या भंडार विज्ञान ई न भुलजा.
हेन युग में पाछा वरजा ,
ने ‘कोरोना’ जेडी बीमारी भजाईजा.

वावाझोडो

वरी वेन हेता तुं वावाझोडा कच्छ ते करीज म तुं कॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! हल्यो अचें तुं हणमार करीन्धो भेगी गजण पॅयो गजाईयें, मद्द थेया अइयुं असीं मानी भेगा, तुं लूगडा कॉल्ला तो लाइयें , पाछो वरी वॅन्न तुं प्रेम सें , केंजो जीवन म करीज झॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! असीं जीयोंता ,असांजी मोज में तुं असांके दशी नतो सगॅं, धुनिया आखी छड्डे नें तुं, असां पाछड कૉल्ला तुं लग्गॅं ? खोटे फांके मे तु फाट्यो अंइयें , पोय पोच्छा करींधो केर ? कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! हेकड़ो, दिं देन्ने हेंन बरो डेन्ग्यु बेय्या लंभोटा नें खॅर, ओच्छ होई बई तोजी, से हाणे तुं पण करीने मॅर , ‘महाराज’ समरथ साहेब असांजो असांके रखधां सलामत खॅर, कोर फेटायो आय असीं तोजो, कोरो आय असांसें वॅर …..! ———— रचना ✍—————— हरेश.सी.जोशी ‘महाराज’ भवानीपर.