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Kachchhi Sahitya Whatsapp Group

कच्छ अलग राज्य भनायला आह्वान

कच्छ मे वधारेमे वधारेमे रोजगारजी तकुं ओभी करेला मिणीं कच्छीयें के अरज आय.
मिणींके कच्छी भासा मेज बोलेजी अरज आय.
जय कच्छ !

KachchhSeperateState_1611

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पंज महत्वजा कार्य पांजे कच्छ ला

पांजी मातृभूमी कच्छ, मातृभासा कच्छी ने पांजी संस्कृति ही पांला करे अमुल्य अईं. अज कच्छ में ऊद्योगिक ने खेतीवाडी में विकास थई रयो आय. बारनूं अलग अलग भासा बोलधल माडु प कच्छमे अची ने रेला लगा अईं. हॅडे वखत मे पां पांजी भासा ने संस्कृति के संभार्यूं ही वधारे जरूरी थई व्यो आय. अमुक महत्व जा कार्य जे अज सुधी पूरा थई व्या हुणा खप्या वा ने जे अना बाकी अईं हेनमेजा जे मिणीयां वधारे महत्वजा अईं से नीचे लखांतो.

१. चोवी कलाक जो कच्छी टी.वी.चेनल
अज जे आधुनिक काल में जमाने भेरो हले जी जरूर आय. अज मडे टी.वी. ने ईंटरनेट सुधी पोजी व्यो आय. हॅडे मे पांजा कच्छी माडु कच्छी भासा मे संस्कृति दर्सन, भजन, मनोरंजन, हेल्थ जी जानकारी ने ब्यो घणें मडे नेरेला मगेंता ही सॉ टका सची गाल आय. हेनजे अभाव में पांजा छोकरा ने युवक पिंढजी ऑडखाण के पूरी रीते समजी सकें नता. खास करेने जे कच्छ जे बार रेंता हु कच्छी भासा ने संस्कृति थी अजाण थींधा वनेंता.
कच्छी टी.वी.चेनल ते चॉवी कलाक कच्छी भासा में अलग अलग जात जा प्रोग्राम जॅडीते न्यूज, सीरीयल, हास्य कलाकार, खेतीवाडी जा सवाल जवाब, भजन, योगा,….नॅरेला मलें त कच्छी माडु धोनिया में केडा प हुअें कच्छ हनींजे धिल जे नजीक रॅ ने कच्छ प्रत्ये ने कच्छी भासा प्रत्ये गर्व वधॅ. भेगो भेगो पिंढजी ऑडखाण मजबुत थियॅ. ही कार्य मिणींया महत्वजो आय.
२. स्कूल में १ थी १० सुधी कच्छी भासा जो अभ्यास
अज कच्छ जे स्कूल में बो भासाएँ में सखायमें अचॅतो गुजराती ने ईंग्लीस. कच्छी भासा जे पांजी मातृभाषा आय ने घणे विकसित आय ही हकडी प स्कूल नाय जेडा १ थी १० धोरण सुधी सखायमें अचींधी हुए. कच्छी भासा जे उपयोग के वधारे में अचॅ त ही कच्छीयें ला करे सारी गाल आय ने स्कूल में सखायमें अचे त हनथी सारो कोरो. भोज, गांधीघाम जॅडे सहेरें में जेडा बई कम्युनीटी ( गुजराती,सींधी,हींदीभाषी,….) जा माडु प रेंता होडा ओप्सनल कोर्स तरीके रखेमें अची सगॅतो. १ थी १० क्लास सुधीजो अभ्यासक्रम पांजा कवि, साहित्यकार ने शिक्षक मलीने लखें त हेनके स्कूल में सखायला कच्छी प्रजा मजबूत मांग करे सगॅती. जॅडीते गुजरात, महाराष्ट्र,…. मे मातृभासा जो अभ्यासक्रम त हुऍतोज.

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हा….आउ धी अंईया

हा….आउ धी अंईया

मुजे जनमजी कोइ खीर न डे ने न वेराय केइ पेडा
. . . . को ज आउ धी अंईया?
मुके चोंधा सपजो भारो ने हलकी चोंधा लूइ
. . . . . .को ज आउ धी अंईया?
हलाई डींधा सावरे चोंधा आय पारकी ओमाण
. . . . . को ज आउ धी अंईया?
सावरे चोंधा वहु अंईये, अंईये पारको लुई
. . . . . को ज आउ धी अंईया?
पोत्तर जणीनीया त ठीक, भन्ढीधा ज जणइ धी
. . . . को ज आउ धी अंईया?
खणी माईत्रेजी लज वेनी सावरे संभारई गच
. . . . को ज आउ धी अंईया
कसोटी त सती सीताजी पण थई त मुजी कोरो विसात
. . . . को ज आउ धी अंईया
पारके के क्या पेंढ जा ,पेंढजे के विसरायो
तो य सावरे मे कोइ न चे के हा . . बेटा तु धी अंईये . . . . हा बेटा तु धी अंईये . . . . को ज आउ धी अंईया???????
. . . . . . . . गुडीया.

હા….આઉ ધી અંઈયા

મુજે જનમજી કોઇ ખીર ન ડે ને ન વેરાય કેઇ પેડા
        . .  . . કો જ આઉ ધી અંઈયા?
મુકે ચોંધા સપજો ભારો ને હલકી ચોંધા લૂઇ
       . . . . . .કો જ આઉ ધી અંઈયા?
હલાઈ ડીંધા સાવરે ચોંધા આય પારકી ઓમાણ
      . . . . .  કો જ આઉ ધી અંઈયા?
સાવરે ચોંધા વહુ અંઈયે, અંઈયે પારકો લુઈ
      . . . . .  કો જ આઉ ધી અંઈયા?
પોત્તર જણીનીયા ત ઠીક, ભન્ઢીધા જ જણઇ ધી
       . . .  . કો જ આઉ ધી અંઈયા?
ખણી માઈત્રેજી લજ વેની સાવરે સંભારઈ ગચ
       . . . .  કો જ આઉ ધી અંઈયા
કસોટી ત સતી સીતાજી પણ થઈ ત મુજી કોરો વિસાત
      . . . .   કો જ આઉ ધી અંઈયા
પારકે કે ક્યા પેંઢ જા ,પેંઢજે કે વિસરાયો
તો  ય સાવરે મે કોઇ ન ચે કે હા . . બેટા તુ ધી અંઈયે . .  . . હા બેટા તુ ધી અંઈયે . . . . કો જ આઉ ધી અંઈયા???????
                             . . . . . . . . ગુડીયા……

कच्छी सिंधी आराधी वाणी

कच्छी कॉमेडी

कच्छी डायरो

सुभ दियारी ! साल मुबारक ! Happy New Year !

नवे वरेजी लख लख वधाइयुं !

भगवान तॉजी ..

भगवान तॉजी भोमी मथे,
अज ढोंग जा वजेता ढोल.
पिंढजी पत जो पतो न वे,
पारकें जी खोलीएंता पोल.
खेल हलेतो खुटलाइ जो,
ने सचाइ जी थीएती छोल.
अधूरा विठा अईं उंचांइ तें,
नें सजण गुमरी खेंता गोल.
“अगम”


ભગવાન તૉજી ભોમી મથે,
અજ ઢોંગ જા વજેતા ઢોલ.
પિંઢજી પત જો પતો ન વે,
પારકેં જી ખુલીએંતા પોલ.
ખેલ હલેતો ખુટલાઇ જો,
ને સચાઇ જી થીએતી છોલ.
અધૂરા વિઠા અઈં ઉંચાંઇ તેં,
નેં સજણ ગુમરી ખેંતા ગોલ.
“અગમ”

सुभ नवरात्री २०१८ ! Shubh Navratri 2018

Navaratri 2018
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

Mata je madh ja Live darshan 2018 (www.matanamadh.org)

जय माताजी !
या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभेतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

यादेवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

** कच्छी मिठाइयुं **

कच्छी मिठाइयुं
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थारीयुं मंढीयुं अंइ, परस्या अंइ पकवान
मुलाजो जरा म करीजा , खेजा वठा मनोमन…

कंठी वागड अभडासे जा, पेडा अंइ नामी
सोनपापडी आय सुंवाली , कींय कढजा म खामी…

साटा ने गगन सोभे ,गुलाटी वारी जलेभी
खन जा कपडा पॅरी , मिठी लगेती बुंधी…

गुलाभजांभु ने रसगुल्ला,चासणी में डुबेला
मोनथार ने गेवर , गी से लचबच लचेला….

चोटीया ने मोधक मगडरीया अंइ वरेला
फिणीया ने गुडीया मट अंइ
सजा भरेला….

तलपींढो ने तलसाखडी , जुआरे में चडेंता
पगे लगो कुलदेवी के , पांके परसाध मलेंता…

भुंसेली बाजरजी मानी, कुलर जा फक भरियेता
वांची अंइ थीजा राजी, आंग्या “कांत” थार धरियेंता…..

Kachchhi Comedy | Hasya Rachna Part – 1 ” | Kavi Tej | Ravi Pethani